मानव रहित क्रॉसिंग्‍स पर होने वाली दुर्घटनाओं से परेशान रेलवे के पूर्व तटीय रेलवे ने एक अनूठा उदाहरण पेश करने के साथ-साथ एक नया रिकाॅर्ड भी कायम किया है।

ओडिशा के संभलपुर मंडल में मानव रहित क्रॉसिंग को न सिर्फ खत्म किया गया बल्कि महज पांच घंटे से भी कम समय में छह मध्यम ऊंचाई के सब-वे (अंडरब्रिज) का निर्माण कर नया रिकार्ड भी बनाया गया।

इस बात की जानकारी संबलपुर के मंडल रेल प्रबंधक ने दी। पूर्व तटीय रेलवे में संबलपुर के मंडल रेल प्रबंधक डॉ. जयदीप गुप्ता ने बताया कि संबलपुर मंडल में छह सब-वे का काम एक साथ शुरू किया गया। गुरुवार को साढ़े चार घंटे में सभी अंडरब्रिज का काम पूरा कर लिया गया।

आपको बता दे कि इन छह अंडरब्रिजों के बन जाने के बाद से ओडिशा के कालाहांडी इलाके में भवानीपटना-लांजीगढ़ रोड सेक्शन में सात मानव रहित गेट पूरी तरह से हमेशा के लिए बंद हो गए हैं।

रेलवे में अपनी तरह का पहला प्रयास

आपको बता दे कि अभी तक का रेलवे के इतिहास में ये अपने तरह का पहला प्रयास है। इसे लेकर मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि संबलपुर मंडल में छह अंडरब्रिज का निर्माण अपने आप में पहला प्रयास है। यह न केवल पूर्व तटीय रेलवे में, बल्कि भारतीय रेलवे में पहली बार किया गया है।

आपको बता दे कि छह अंडरब्रिजों के एक साथ निर्माण की राह में कई प्रकार की अड़चने थीं। मौसम खराब था, मानसून की स्थिति भी अनुकूल नहीं थी, लेकिन रेलवे ने यह कठिन टारगेट पूरा किया। अभी तक हम ऐसे वीडियो चाईना या दूसरे देशो के देखते थे, लेकिन ऐसा पहली बार है कि भारत में भी इतनी द्रुत गति से काम को अंजाम दिया जा रहा है। ऐसे कदम भारतीय रेल के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।

बताते चले कि छह अंडरब्रिज के निर्माण में 300 कामगार, 12 क्रेन और 20 एक्सवेटर्स की मदद ली गई। रेलवे ने अंडरब्रिज बनाने के लिए पहले से बने हुए सात कंक्रीट के बॉक्स नुमा ढांचों का सहारा लिया। ये अंडरब्रिज 4.15 मीटर ऊंचे हैं। कुल 42 ऐसे बॉक्स से सभी अंडरब्रिज बनाए गए हैं।

अंडरब्रिज बनाने के लिए रेलवे के कामगारों ने पहले रेलवे ट्रैक को हटाया। इसके बाद एक्सवेटर्स मशीनों से निर्माण स्थल पर खुदाई की गई। क्रेन से वहां कंक्रीट से बने बॉक्स रखे गए। इसके बाद कामगारों ने फिर उनके ऊपर पटरी बिछा दी।