कर्नाटक के बाद गोवा में कांग्रेस के सामने संकट मंडराता दिख रहा है। गोवा में कांग्रेस के 15 में से 10 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी है। सभी 10 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं। गोवा में अभी बीजेपी की सरकार है। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस के पास महज 5 विधायक रह जाएंगे।

बुधवार को घटे इस घटनाक्रम में विधानसभा में विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावेलकर समेत कांग्रेस के 10 विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या अब बढ़कर 27 हो गई है, वहीं कांग्रेस, जिसके साल 2017 में 17 विधायक थे, अब उसके पास सिर्फ 5 विधायक बचे हैं। कांग्रेस के 2 विधायक पहले ही भाजपा का दामन थाम चुके हैं।

भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों का कहना है कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है। एंटोनियो मोन्सेराटे का कहना है कि हमने कोई समझौता नहीं किया है। हम सब दोस्त हैं। हम बैठे, चाय पी और बातचीत की। मोन्सेराटे ने कहा कि उन्हें कोई मंत्री पद नहीं चाहिए, उन्हें बस अपने विधानसभा क्षेत्र का विकास करना है।

वहीं कांग्रेस ने इसकी आलोचना की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गिरीश चोदांकर ने कहा कि इससे भाजपा की अपने सहयोगी पार्टियों के प्रति असुरक्षा जगजाहिर हो गई है। भाजपा ने आम जनता के जनादेश का अपमान किया है। बता दें कि अब राज्य में कांग्रेस के सिर्फ 5 विधायक रवि नाईक, लुजिन्हो फालेरियो, प्रताप सिंह राने, दिगंबर कामत और एलेक्स रेगीनाल्डो ही बचे हैं।

Leave a Reply