जिन लोगों को अभी भी नहीं लगता है कि मोदी सरकार काला धन रोकने और छिपे हुए काले धन को जब्त करने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही हैं। उनकी जानकारी के लिए बता देना चाहूंगा सरकार ने व्यापक कदम उठाए हैं, अगर आप उनसे अनभिज्ञ हैं तो इसमें आपकी जिज्ञासा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है। खैर हाल ही में सरकार ने काला धन और बेनामी संपत्ति पर प्रहार करने के लिए एक योजना शुरू की है जिसमें कोई भी नागरिक या विदेशी दोषियों की अवैध संपत्ति का व्यौरा देने पर 5 करोड़ तक की इनामी राशि का हकदार हो सकता है। विस्तार से पढिये –

आयकर विभाग ने 01 जून 2018 को संशोधित आयकर मुखबिर पुरस्कार योजना 2018 जारी की है।

इसके अंतर्गत भारत में आय और परिसंपत्तियों पर कर चोरी के बारे में आयकर विभाग में जांच निदेशालय के निर्दिष्ट अधिकारियों को तय प्रक्रिया के अंतर्गत विशेष सूचना देने वाले व्यक्ति 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्राप्त कर सकता है।

इसका उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य काले धन का पता लगाना और कर चोरी में कमी लाने के आयकर विभाग के प्रयासों में लोगों की भागीदारी बढ़ाना है। इसी उद्देश्य से आयकर विभाग ने नई पुरस्कार योजना जारी की है; यह योजना वर्ष 2007 में जारी पुरस्कार योजना का स्थान लेगी।

योजना से संबंधित मुख्य तथ्य इस प्रकार हैं :

सरकार ने इससे पहले भी काला धन (अघोषित विदेशी आय और परिसंपत्तियां) तथा करारोपण अधिनियम, 2015 लागू किया था ताकि भारत में कर योग्य लोगों द्वारा विदेशों में रखी गई आय और परिसंपत्तियों की जांच की जा सके। जिन पर देय करों की वसूली की जा सके तथा उपयुक्त दंड और मुकदमे जैसे कदम उठाए जा सकें।

काला धन (अघोषित विदेशी आय और परिसंपत्तियां) तथा करारोपण अधिनियम, 2015 के अंतर्गत कार्रवाई योग्य ऐसी आय और परिसंपत्तियों के बारे में सूचना देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई पुरस्कार योजना शामिल किया गया है.

संशोधित पुरस्कार योजना के ब्यौरे आयकर मुखबिर पुरस्कार योजना, 2018 में उपलब्ध है जिसकी कॉपी आयकर कार्यालयों में तथा आयकर विभाग की वेबसाइट www.incometaxindia.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक व्यक्ति अपनी जानकारी को बढ़ाने के लिए या हमारी जानकारी सत्यापित करने के किये सरकारी पोर्टल पर पढ़ सकते हैं।

पुरस्कार योजना: इस योजना में 5 करोड़ तक की पुरस्कार राशि अधिक रखी गई है ताकि विदेशों से भी संभावित आय स्रोत भी जानकारी में आ सकें।

“इसके अंतर्गत काला धन (अघोषित विदेशी आय और परिसंपत्तियां) तथा करारोपण अधिनियम, 2015 के तहत कार्रवाई योग्य विदेशों में आय और परिसंपत्तियों पर कर चोरी के बारे में तय प्रक्रिया के अंतर्गत विशेष सूचना देने वाले व्यक्ति पुरस्कार राशि प्राप्त कर सकता है। व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जायेगी

इसके अंतर्गत व्यक्ति को सूचना निर्धारित प्रक्रिया के अंर्तगत आयकर महानिदेशक (जांच) या अधिकृत अधिकारी को देनी होगी।

विदेशियों की पात्रता : इस योजना के लिए विदेशी भी पुरुस्कार पाने के हकदार हैं और सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान कभी प्रकट नहीं की जाएगी।

पृष्ठभूमि: काफी मामलों में यह पाया जा चुका है कि लोग किसी दूसरे के नाम से संपत्तियों में काले धन का निवेश कर रहे हैं, अपने आयकर रिटर्न में जिसको छुपा लेते हैं और लाभ प्राप्त कर लेते हैं। सरकार ने इससे पहले बेनामी संपत्ति लेनदेन अधिनियम, 1988 में बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम, 2016 के माध्यम से संशोधन किया जिससे कि कानून और मजबूत बन गया।