पीएम मोदी पर बनी फिल्म के प्रमोशन में विवेक ओबेरॉय ने राजदीप सरदेसाई को दिया करारा जवाब

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मसीहा पत्रकारों के प्रमुख चेहरों में से एक राजदीप सरदेसाई लगातार अपनी स्वघोषित निष्पक्षता का परिचय प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपनी अंतर्निहित घृणा और पूर्वाग्रह को व्यक्त करते हुए देते रहते हैं।मंगलवार की रात अपने शो पर, राजदीप सरदेसाई ने अभिनेता विवेक ओबेरॉय को नरेंद्र मोदी से प्रेरित फिल्म पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया था। इसमें ओबेरॉय ने प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका निभाई है। इसी चर्चा से जुड़े कुछ सवाल जवाब हुए जो हम आपको बताते हैं।

राजदीप सरदेसाई ने 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले फिल्म की रिलीज के समय पर विवेक ओबेरॉय से सवाल किया। राजदीप ने दावा किया कि फिल्म को चुनावों को प्रभावित करने के लिए रिलीज किया जा रहा है।

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विवेक ओबेरॉय ने उनके द्वारा लगाए गए आरोपों का न केवल कायदे से जवाब दिया, बल्कि उनकी स्वघोषित निष्पक्ष मसीहा पत्रकारिता पर उन्हें आईना भी दिखाया। राजदीप सरदेसाई के तर्क पर सवाल उठाते हुए, विवेक ओबेरॉय ने पूछा कि क्या वह अपनी राय के माध्यम से चुनावों को प्रभावित नहीं कर रहे हैं और यदि उनकी फिल्म को एक ‘प्रोपेगेंडा फिल्म’ आप कह सकते हैं तो उसी तर्क को लागू करते हुए, क्या राजदीप के शो को अपनी राय से दर्शकों को प्रभावित करने के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है?

राजदीप ने आगे विवेक ओबेरॉय से पूछा कि जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आते जा रहे हैं, उनकी फिल्म को विपक्षी नेताओं द्वारा पीएम मोदी को महान प्रोजेक्ट करने की कोशिश की जा रही है। विवेक ने जवाब दिया कि न तो चुनाव आयोग और न ही भारत के संविधान को फिल्म बनाने और रिलीज़ करने में कोई समस्या है। उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी को एक नायक के रूप में या महान दिखाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि देश के लोग पहले से ही स्वीकार करते हैं कि पीएम मोदी वास्तव में एक ‘हीरो’ हैं।

राजदीप की विवेक ओबेरॉय के जवाबों से झल्लाहट इस कदर बढ़ गई की उन्होंने विवेक पर आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या वह दिल पर हाथ रखकर कह सकते हैं कि फिल्म की फंडिंग राजनीतिक पार्टी द्वारा नहीं की गई? विवेक ने जवाब दिया कि उन्हें किसी भी राजनीतिक दल द्वारा वित्त पोषित नहीं किया जा रहा है।

विवेक ने जवाब दिया कि एक फिल्म की फंडिंग को सत्यापित करने के लिए एक प्रणाली है और उनकी फिल्म को किसी भी राजनीतिक पार्टी द्वारा वित्त पोषित नहीं किया गया है।

राजदीप ने विवेक से पूछा कि ये फ़िल्म वह क्यों बना रहे हैं?

इस पर विवेक ओबेरॉय ने कहा, “पीएम मोदी की कहानी और दृष्टिकोण भारत में एक अरब लोगों को प्रेरित करती है, जो गर्व से भक्त कहलाने को भी तैयार हैं। मैंने महसूस किया कि एक गरीब व्यक्ति की विनम्र शुरुआत से लेकर एक अरब लोगों के प्रेरक नेता बनने तक की कहानी को दिखाया जाना चाहिए।”

राजदीप ने मर्यादा की सारी सीमाएं लाँघते हुए पूछा की, क्या यह फ़िल्म भक्तों द्वारा भक्तों के लिए है?

विवेक ने जवाब देते हुए कहा, यह फ़िल्म एक राष्टभक्त की है और राष्ट्रभक्तों के लिए है।

वैसे तो राजदीप 2002 से ही नरेंद्र मोदी के विरोध में दुष्प्रचार चलाने में व्यस्त हैं लेकिन 2014 में मोदी के पीएम बनने के बाद उन्हें कुछ ज्यादा ही मिर्ची लगी हुई है। अभी कुछ दिन पहले ही, राजदीप सरदेसाई ने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए बयानों को सांप्रदायिक एंगल देने के लिए बेशर्मी से ट्विस्ट भी किया था।

खैर, राजदीप सरदेसाई द्वारा विवेक ओबेरॉय का यह इंटरव्यू सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं की राजदीप के द्वारा लिए गए इंटरव्यू ऐसे ही हिट होते रहें।

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धीरेन्द्र प्रताप सिंह राठौर
News Junkie, भारतीय, Proud Hindu, Writer, Reader, Social Activist

1 COMMENT

  1. कुछ ऐसे खुलासे होंगे इन आने वाले दिनों में की कांग्रेस और उसके महगटबंधन और कांग्रेसी चमचो के नीचे से धरती सरक जाएगी।

    पहला खुलासा –

    आखिर क्या रहस्य है इस विभाजन के पीछे ?

    1947, स्वतन्त्रता दिवस, 15 अगस्त, भारत का बंटवारा, भारत-पाकिस्तान,

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