AIMPLB ( ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड) ने देश के कानून और संविधान को नकारते हुये देश भर में हर जिले में शरिया कोर्ट शुरु करने की बात कही हैं।

कर्नाटक सरकार के एक मंत्री भी इस मांग के समर्थन में हैं, पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भी इस मांग का समर्थन किया है।

जम्मू कश्मीर के deputy grand mufti नासिर उल इस्लाम तो इससे भी एक कदम आगे चले गए, उसने मांग की है कि या तो देश भर में ये शरिया कोर्ट खोलने दिये जायें, नहीं तो मुस्लिमों को एक अलग देश बनाकर दे दिया जाये।

ये मुफ़्ती साहब पहले भी अलग देश की माँग करते रहे हैं, ऐसी ही माँग इन्होंने 30 जनवरी 2018 को भी की थी।

कमाल की बात यह है कि किसी भी मुस्लिम संगठन से या किसी मुस्लिम बुद्धिजीवी – किसी मौलाना की तरफ से एक भी शब्द इस मांग के खिलाफ नहीं निकला है।

तो क्या हम यह मान लें कि सभी (या अधिकतर) मुस्लिम यही चाहते हैं??

कोई मुस्लिम जब इन बातों का विरोध नहीं कर रहा -और ऐसे में कोई आपसे यह कह दे कि आपको पाकिस्तान तो दिया गया था, आप वहां क्यों नहीं जा रहे? तो क्या जवाब है आपके पास? अब ये तो मत ही कहना कि भारत किसी के बाप का नहीं है। क्योंकि किसी का हो या न हो – भारत हम हिन्दुओं का तो है, और हमारे बाप दादाओं का भी रहा है। अलग देश की डिमांड बेशक किसी एक ने की हो पर वो आपकी एक मुख्य मस्जिद का deputy grand mufti है, तो या तो खुलकर उसकी बात का विरोध करो या पाकिस्तान जाने की तैयारी करो, फैसला आपका, मर्जी आपकी।

वैसे, शरिया कोर्ट लागू करके कौन से फैसले करेंगे वहां पर आप? चोरी पर हाथ काटना या बलात्कार पर फांसी तो आप दोगे नहीं, तो क्या सिर्फ तीन तलाक, हलाला, औरतों को हमेशा बुर्के में ऱखना ही शरिया कोर्ट के अधिकार में रहेगा? क्या सुप्रीम कोर्ट के इन विषयों पर फैसले के खिलाफ जाने को संविधान को नकारना न माना जाये? और अगर आपको संविधान ही स्वीकार नहीं तो फिर सामान्य हिन्दू आप पर भरोसा कैसे करे??

रुकिये.. अभी भी मौका है – दुनिया भर में आपके दकियानूसी विचारों का विरोध हो रहा है। पूरी दुनिया आपको आतंकवाद से जोड़ कर शक से देखती है, और आप अपने को रत्ती भर बदलने को तैयार नहीं हैं। बदलिये अपने आप को, वर्ना दुनिया आपसे दूर भागेगी, आपको अपने से दूर कर देगी।

देश भर के सभी मुस्लिमों, उठो और AIMPLB की इस मांग का पुरजोर विरोध करो साथ ही हामिद अंसारी जैसों का भी खुलकर विरोध करो। नहीं तो जिसको दूसरा -अलग देश चाहिये वो पाकिस्तान जा सकता है, भारत के टुकड़े तो अब और नहीं होने वाले।

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