हरियाणवी डांसर सपना चौधरी ने कांग्रेस में शामिल होने की खबरों से इनकार कर दिया है। उन्होंने बाकायदा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात का खुलासा किया। उन्होंने कहा, “मेरी कांग्रेस में जाने की कोई इच्छा नहीं है। मैं कांग्रेस के लिए प्रचार नहीं करूंगी और मेरी राज बब्बर से कोई मुलाकात नहीं हुई है।” उन्होंने कहा कि ‘मैं एक कलाकार हूं और राजनीति में जाने या चुनाव लड़ने की फिलहाल कोई इच्छा नहीं है।” उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि भविष्य में भी उनका कांग्रेस या किसी पार्टी से जुड़ने का कोई इरादा नहीं है। 

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सपना एक अर्से से कांग्रेस के संपर्क में थीं और हाल ही में उन्होंने सोनिया और राहुल गाँधी से मुलाक़ात भी की थी। पिछले दो दिनों से सपना के कांग्रेस से जुड़ने की अटकलों का बाज़ार गर्म था। इसके साथ यह अफवाहें भी चल रही थी कि वह हेमा मालिनी के विरूद्ध चुनाव में उतर सकती हैं। इन सभी खबरों का खंडन करते हुए सपना ने सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही प्रियंका वाड्रा के साथ की तस्वीरों को पुरानी तस्वीरें बताते हुए कहा कि, “उनके साथ अगर कभी पिछले समय मे कोई तस्वीर खींची भी गई है तो इसका मतलब ये नहीं कि मैंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली है।”

सकते में आई कांग्रेस ने पेश किए सबूत

सपना चौधरी के इस बयान के बाद कांग्रेस सकते में आ गई है और जगहँसाई से बचने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के सचिव नरेंद्र राठी ने मीडिया के सामने आकर सपना चौधरी का सदस्यता फार्म और एक रसीद सबूत के तौर पर पेश किया है। जिस पर उनकी सदस्यता से जुड़ी सारी जानकारी है। इस फॉर्म पर सपना के दस्तखत भी हैं। राठी ने यह भी कहा है कि सपना चौधरी ने खुद सदस्यता फॉर्म भरा। उनकी बहन ने भी पार्टी की सदस्यता ली है। उनके पास दोनों के फॉर्म मौजूद हैं।

सपना का सदस्यता फार्म जिसे यूपी कांग्रेस सचिव ने जारी किया है।

कांग्रेस के इन सबूतों में है झोल

कांग्रेस द्वारा पेश किए इन सबूतों पर अब सवाल उठने लगे है। दरअसल इसमें दो अलग अलग फ़ार्म दिखाए गए हैं जिनमें से एक पर सदस्यता का आवेदन पत्र 2011-2015 तक है और दूसरा आवेदन पत्र 2017-2022 तक का है। हैरानी वाली बात ये है कि दोनों ही आवेदन पत्र 23-03-2019 को साइन किए दिखाए जा रहे हैं। इस बात को जरा गौर से सोचा जाए कि 2011 की सदस्यता भला 2019 में कैसे ली जा सकती है। बिलकुल यही बात दूसरे आवेदन पत्र पर भी लागू होती है जोकि 2017-22 तक की सदस्यता दिखाता है। 2017 में ली गई सदस्यता 2019 में साइन किया जाना बेहद आश्चर्यजनक है ओैर ये बातें संदेह पैदा करती हैं। 

सपना चौधरी का कांग्रेस सदस्यता फार्म
सपना चौधरी की सदस्यता शुल्क की रसीद, इसमे भी तारीख का झोल है

तारीखों का यह झोल कांग्रेस के दावे पर सन्देह तो खड़ा करती ही है, इसके साथ ही उनके दावे पर सवालिया निशान भी लगा लगी है। कांग्रेस के प्रवक्ताओं को इस गड़बड़ी का जल्द से जल्द उत्तर देना चाहिए। गौरतलब है कि राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल पर सपना के इनकार के बाद कांग्रेस पार्टी की बहुत ज्यादा जगहँसाई हो रही है। इस बेइज्जती से बचने के लिए उन्हें इस सारे मामले पर अच्छे से सफाई पेश करना चाहिए ताकि कांग्रेस की छवि धूमिल होने से बच सके।