चेन्नई एक्सप्रेस में ‘तितली’ गाना गाकर मशहूर हुई दक्षिण भारत की जानी मानी गायिका चिन्मयी श्रीपदा उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाफ फर्जी खबर फैलाते हुए पकड़ी गईं। दरअसल मामला यह है कि चिन्मयी ने ट्विटर पर एक न्यूज़ रिपोर्ट का लिंक शेयर किया जिसमें कहा गया था कि एक 37 वर्षीय महिला के साथ गैंगरेप हुआ और जब वह पुलिस के पास शिकायत लेकर गई तो शिकायत दर्ज कराने के एवज में पुलिस अधिकारी ने उसके साथ सेक्स की माँग की।

आपको बता दें, भारत के अंदर आम जनता के बीच पुलिस की छवि कुछ खास अच्छी नहीं है। कई मौके ऐसे आते है जब उनके गलत वजह से निशाने पर लिया जाता है। बहरहाल यूपी पुलिस ने बेहद धैर्य का परिचय देते हुए ट्वीट कर चिन्मयी को केस से संबंधित तथ्य रखे।

दरअसल यह घटना 2017 की है जो रामपुर में हुई थी। एक महिला ने अमीर अहमद और सत्तार अहमद पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। रामपुर के गंज पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर जय प्रकाश ने जाँच के दौरान पाया कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप गलत और फर्जी थे। इसके बाद अधिकारी जय प्रकाश ने गैंगरेप फाइल बंद कर दी।

गैंगरेप का आरोप झूठा सिद्ध होने के बाद महिला ने सब इंस्पेक्टर से बदला लेने की ठानी। महिला ने अपने एक अन्य मित्र मोहम्मद रफ़ी के साथ मिलकर जय प्रकाश पर आरोप लगाया की जब वह गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराने थाने आई थी तब इसके एवज में जय प्रकाश ने उसके साथ सेक्स की माँग की थी।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने जब महिला द्वारा जय प्रकाश पर लगाए आरोपों की जाँच की तो पाया कि उन्होंने महिला को झूठा पाया। उक्त महिला के मित्र मोहम्मद रफ़ी ने पुलिस के सामने कबूल किया था कि उसने महिला के साथ मिलकर जय प्रकाश से बदला लेने के लिए यह साजिश रची थी। जिसके बाद दोनो के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करके जेल भेज दिया गया।

हालांकि उत्तर प्रदेश पुलिस के द्वारा सारे तथ्य रखे जाने के बावजूद चिन्मयी श्रीपाद ने पुलिस की जाँच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। जिस पर पुलिस ने उत्तर दिया कि महिला आरोप लगाती थी उसे सब इंस्पेक्टर से फोन आते थे, लेकिन जब उन फोन कॉल की जाँच की गई तो नंबर महिला के मित्र मोहम्मद रफ़ी का पाया गया। जिसके बाद मामले की पूरी सच्चाई सामने आई।

यूपी पुलिस के इन जवाबो से गायिका चिन्मयी संतुष्ट हो गयी, और उन्होंने अपनी ट्वीट डिलीट करते हुए यूपी पुलिस माफी मांगी। गौरतलब है की ऐसे समय में जब लेफ्ट लिबरल पुलिस को बदनाम करने का कोई मौका नहीं चूक रहे है तब यूपी पुलिस का प्रदेश को अपराध मुक्त करने का प्रयास प्रशंसनीय है। यूपी पुलिस अफवाहों का भी पर्दाफाश करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने से हिचक भी नहीं रही है। बहरहाल चिन्मयी श्रीप्रदा जैसे लोगो पर भी गम्भीर प्रश्नचिन्ह लगते है जो इस तरह की झूठी और पुरानी खबरे फैला रहे है।