कांग्रेस पार्टी का दावा हैं कि जब पुलवामा हमला हुआ तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम कॉर्बेट पार्क में नेशनल जियोग्राफिक के साथ फोटो शूट कर रहे थे, और मगरमच्छ देखने के लिए नौका विहार कर रहे थे। कांग्रेस ने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा हैं कि “इस फिल्म की शूटिंग शाम 6 बजे तक होती रही, शाम को पौने सात बजे मोदी ने चाय नाश्ता लिया, यह बहुत ही निंदनीय बात हैं, कि हमले के चार घंटे बाद भी मोदी अपनी ब्रांड बिल्डिंग, फोटो शूट और चाय नाश्ते में व्यस्त थे।”

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेस कांफ्रेंस में यह दावा किया कि पुलवामा हमला शाम 3:10 मिनट पर हुआ, और उसके बाद भी मोदी अपने कार्य में व्यस्त रहे। इससे यह साबित होता हैं कि उनकी प्राथमिकता कही और हैं। प्रेस कांफ्रेंस में सुरजेवाला ने, पत्रकारों को मोदी की कई तस्वीरें भी दिखाई जिसमें मोदी को एक नौका में आनंद लेते हुए दिखाया गया हैं, और साथ में यह भी जोड़ा कि सैनिकों से ज्यादा प्राथमिकता मोदी अपनी रराजनीतिक शक्ति को बढ़ाने में देते हैं। सुरजेवाला के मुताबिक घटना के चार घंटे बाद भी मोदी का कार्यक्रम चलता रहा।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने मोदी की कुछ तस्वीरें ट्वीट की जिनमें मोदी को नौका में सवारी करते दिखाया गया। ट्वीट का शीर्षक था, “प्राइम टाइम मिनिस्टर” जहाँ सुरजेवाला ने कहा कि मोदी चार घंटे बाद तक नौका भ्रमण कर रहे थे, वही राहुल गाँधी ने उस समय को तीन घंटे का कर दिया। बस इसके बाद तो जैसे कांग्रेस समर्थक ट्विटर एकाउंट्स को अफवाह उड़ाने का मौका मिल गया। सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस घटना के तुरंत बाद एक राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलानी चाहिए थी। सुरजेवाला और राहुल गाँधी की इस बयानबाज़ी को कुछ कांग्रेस समर्थित पत्रकारों और समाचारपत्रों ने भी खूब उछाला।

जैसा की हमेशा होता हैं यह सब सफ़ेद झूठ था। सरकारी सूत्रों के मुताबिक प्रधान मंत्री मोदी की वाकई में ही डिस्कवरी चैनल के साथ एक शूट थी। शूट के साथ उन्होंने रुद्रपुर में एक सार्वजानिक सभा को भी सम्बोधित करना था।

1- पुलवामा हमले का सही समय क्या था और उस समय पीएम कहाँ थे?

– आपको बता दें, पुलवामा हमला 3:10 पर नहीं हुआ था जैसा की कांग्रेस दावा कर रही हैं बल्कि 3:33 पर हुआ था। यह समय इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट में भी बताया गया हैं। जब पीएम मोदी को इस हमले का पता चला तो वह कॉर्बेट से रुद्रपुर जा रहे थे। जिसके 25 मिनट के अंदर उनके सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए गए।

जो नौका विहार करते मोदी की फोटो कांग्रेस ने दिखानी शुरू की थी, वह दरअसल 1:42 मिनट पर उसी दिन ट्विटर पर विश्वकेतु वैद्य ने पोस्ट की थी। विश्वकेतु वैद्य ट्विटर पर अपने आप को बीजेपी नैनीताल की सोशल मीडिया को -ऑर्डिनेटर बताते हैं। इससे यह बात साबित होती हैं कि मोदी ने नौका विहार पुलवामा हमले के बहुत समय पहले किया था।

यहाँ यह भी गौर करने वाली बात हैं कि फ़ोटो के बैकग्राउंड में खुला नीला आसमान और धूप दिख रही हैं अगर यह फोटो शाम 5 बजे के बाद की भी होती तो बैकग्राउंड में अंधेरा दिखता, सर्दियों में पहाड़ो पर दिन छोटे होते हैं, और सूर्यास्त जल्दी होता हैं। कार्बेट पार्क में 14 फरवरी के दिन सूर्यास्त का समय यहां क्लिक करके देखे।

पीएम मोदी की जो तस्वीरें कांग्रेस सोशल मीडिया पर शेयर कर रही हैं, यह तस्वीरे उसी दिन मीडिया ने 2 बजे पब्लिश कर दी थी जिसका मतलब हैं कि यह तस्वीरें 2 बजे के काफी पहले ली गयी होगी।

2- क्या पुलवामा हमले के बाद पीएम मोदी ने 6:45 पर चाय नाश्ता किया?

जी नही, उन्हें तो इसका मौका ही नही मिल पाया। इसकी पुष्टि इंडिया टुडे की यह रिपोर्ट कर रही हैं जिसमें यह साफ लिखा हैं कि पीएम मोदी ने पुलवामा हमले के बाद कुछ नही खाया। हमले की खबर मिलने के बाद उस दिन मोदी को कुछ खाने का समय ही नहीं मिला। पहले उनकी लम्बी बातचीत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल से हुई फिर जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल से हुई और उसके बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह से।

3. तीसरे आरोप की सच्चाई, पीएम मोदी ने उच्चस्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक तुरन्त क्यों नही बुलाई?

– आपको बता दें, एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक तुरंत बुलाने का सवाल नहीं उठता था क्योकि मोदी उस समय उत्तरखंड में थे। चार बजे से लेकर पौने पांच तक मोदी फ़ोन द्वारा स्थिति की जानकारी लेते रहे और आवश्यक निर्देश जिम्मेदार लोगों को देते रहे जिसकी पुष्टि सरकारी सूत्र कर रहे हैं। इस वजह से उनकी रुद्रपुर की जनसभा में काफी विलम्ब हो गया। पीएम ने जनसभा में जाने का फैसला कैंसल कर दिया, लेकिन जनसभा स्थल पर बहुत भीड़ हो चुकी थी, जिसकी वजह से उन्होंने सवा पांच बजे 5-7 मिनट का भाषण फ़ोन से ही दे दिया। इस भाषण का प्रसारण डीडी न्यूज़ के YOU TUBE चैनल से लाइव किया गया था जिसे आप यहाँ क्लिक करके देख सकते हैं। यह हमले के 2 घण्टे बाद का समय हैं। यहाँ भी ये साफ है कि वह फोटो शूट नहीं करवा रहे थे।

फोन पर रैली को सम्बोधित करने के बाद, वह तुरन्त सड़क मार्ग से बरेली के लिए निकल लिए क्योकि मौसम खराब था जिसमे हेलीकॉप्टर राइड सम्भव नही हो सकती थी। हालांकि उसके एक घण्टे बाद स्थिति की जानकारी के लिए एक और रिव्यू मीटिंग तय हुई जिसकी वजह से उन्होंने रामपुर के एक गेस्टहाउस में एक घण्टे रुके और उस मीटिंग के खत्म होने के बाद बरेली पहुँचे। जहाँ से वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इससे यह पता चलता हैं की कांग्रेस के सभी दावे झूठे थे। बाद में यह पता चला की कांग्रेस अध्यक्ष खुद गुजरात की एक सभा में भाषण देने के बाद लोक नर्तकों के साथ नाच रहे थे।

Leave a Reply