केंद्र की मोदी सरकार ने अपनी कूटनीति से पाकिस्तान को घुटने के बल लाकर अपने विंग कमांडर अभिनंदन को कल शाम वापस अपने देश ले आयी। आपको बता दें, भारत की सर्जिकल स्ट्राइक 2 के जवाब में पाकिस्तान ने अपने सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमान F-16 घुसपैठ की कोशिश की थी जिसे हमारी हमारी एयरफोर्स ने नाकाम कर दिया। इस घुसपैठ में ही हमारे देश के जांबाज सिपाही अभिनंदन वर्धमान पाकिस्तानी प्लेन को खदेड़ने और उसे मार गिराने में कामयाब हुए थे, लेकिन किसी तकनीकी गड़बड़ी से उनका विमान POK में गिर गया और वह पकड़े गए। जहां एक ओर भारत ने माना कि उनका पायलट पाकिस्तान के कब्जे में है वही पाकिस्तानी ने अपने विमान के गिरने के बाद भी अपने पायलट की जानकारी नहीं दी। जबकि दोनों देशों ने ये बताया कि दो विमान गिराए गए, लेकिन फिर सिर्फ एक पायलट की जानकारी क्यों? दूसरा पायलट कौन था?

इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने पाकिस्तानी और इंटरनेशनल अखबारों, वहाँ के नागरिकों के सोशल मीडिया एकाउंट को खंगाले जिससे बेहद चौकाने वाली जानकारियां हमारे हाथ लगी। पता चला कि दूसरे पायलट जो F-16 उड़ा रहे थे वह शहज़ाद्दुदीन (Shahzad-d-Din) थे जो पाकिस्तानी 19वीं स्क्वाड्रन के पायलट थे।

कौन हैं शहजाद्दुदीन?

मौजूदा जानकारी के अनुसार विंग कमांडर शहजाद्दुदीन शेरदिल स्क्वाड्रन (स्क्वाड्रन 19) का हिस्सा थे। शेरदिल असल में किसी लड़ाई का हिस्सा नहीं बनते हैं, लेकिन शहजाद्दुदीन की बात अलग थी और उनके F-16 से लगाव के कारण उन्हें ये मौका मिला। जब पाकिस्तान के फाइटर प्लेन्स का उड़न दस्ता भारत में दाखिल हुआ तब विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तानी फाइटर प्लेन को अपने MiG 21 विमान से गिरा दिया। इस dog fight का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं।

पाकिस्तानी मूल के लंदन बेस्ड पत्रकार खालिद उमर के मुताबिक शहजाद्दुदीन एयर मार्शल वसीमुद्दीन (Waseem d Din) के बेटे हैं। जो विंग कमांडर अभिनंदन ( Wing Commander Abhinandan) के साथ डॉग-फाइट कर रहे थे और मारे गए। इसकी पुष्टि भारतीय पत्रकार आदित्य राज कौल ने भी की।

रेडिफ न्यूज़ ने तो शहजाद्दुदीन के बारे में बेहद ख़ौफ़नाक जानकारी दी, उसके मुताबिक पाकिस्तानी पायलट जब अपने ही इलाके में गिरे तो उन्हें हिंदुस्तानी समझकर वहां के लोगों ने खूब मारा। जिसकी वजह से वो घायल हो गए, जब वो घायल हुए तो उन्हें CMS अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उनकी मौत हो गई।

पाकिस्तानी जनरल आसिफ गफूर का झूठ

पाकिस्तानी आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने 27 फरवरी को ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि उन्होंने भारत के दो प्लेन गिराए और दो पायलटों को अपने कब्जे में लिया। इस वीडियो में प्रवक्ता ये भी कह रहे हैं कि एक पायलट जख्मी है और उस पायलट को CMS अस्पताल में भर्ती किया गया है और उनका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। वीडियो में 4:50 से लेकर 5:05 तक मेजर गफूर बता रहे हैं कि वो कैसे एक जिम्मेदार मुल्क के हैं और कैसे उनके मुल्क में दो भारतीय पायलटों का ख्याल रखा जा रहा है।

पर इसके बाद उन्होंने खुद ट्वीट कर ये जानकारी दे दी कि भारत का सिर्फ एक ही पायलट उनके कब्जे में हैं, तो इसे क्या माना जाए? दरअसल पाकिस्तान ने अपने ही पायलट को भारतीय समझ कर उसे भर्ती कर लिया था और फिर इस बात का खुलासा किया कि सिर्फ 1 ही पायलट उनके कब्जे में हैं। इसलिए बाद में उन्होंने दूसरे पायलट की कोई जानकारी उन्होंने नही दी। यही दूसरे पायलट विंग कमांडर शहजाद्दुदीन थे।

नफरत और अपनी इज्जत बचाने का जज्बा इस तरह से आगे बढ़ाया गया कि अपने ही पायलट को भूल गए वो लोग। वैसे तो पाकिस्तान ने साफ नकार दिया है कि उसका कोई प्लेन गिरा ही नहीं, लेकिन फिर भी उन्होंने माना कि दो प्लेन गिराए गए। जब भारत का एक ही प्लेन गिरा और उसका एक ही पायलट पाकिस्तान के कब्जे में है तो दूसरे प्लेन का क्या हुआ? आखिर वो कौन सा प्लेन था? उसे कोई तो उड़ा ही रहा होगा? किस पायलट को जख्मी हालत में पाकिस्तानी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था? जनरल गफूर मलिक ने आखिर में साफ क्यों नहीं किया कि CMS (Clifton Medical Services) अस्पताल में किसे भर्ती करवाया गया था?

पाकिस्तान ने यह निंदनीय और शर्मनाक काम किया है जो अपने शहीद हुए सिपाही की भी शहादत को नहीं मान रहे हैं। अगर मान लेते तो शायद उस जांबाज की शहादत बेकार नहीं जाती। पाकिस्तानी पत्रकार खालिद उमर ने भी अपने फेसबुक पोस्ट में यही दर्द बयान किया। खुद ही सोचिए वो भी एक सेना का जवान ही था जो अपनी मातृभूमि के लिए लड़ रहा था और उसी के लिए शहीद हो गया। इस घटना की वजह से पाकिस्तान के दूसरे फाइटर पायलटों का मोरल डाउन हुआ हैं यहाँ तक कि वह लड़ने से भी इंकार कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पाकिस्तान एक बेशर्म मुल्क हैं कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्‍तानी सेना के अफसरों ने अपने जवानों की लाशें भारत से लेने से इनकार कर दिया था। उन्‍हें अपना मानने से भी मना कर दिया था, सिर्फ इसलिए कि ऐसा करने से उन्‍हें शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। उनसे यह कैसे उम्मीद की जा सकती है की वह शहज़ाद्दुदीन (Shahzad-d-Din) की शहादत को मान लें। बहरहाल हम वह लोग हैं जिन्हें दुश्मनों के भी सर झुके हुए बर्दाश्त नही होते, शहज़ाद्दुदीन की उनके देश के लिए दी कुर्बानी का हम सम्मान करते हैं, और प्रार्थना करते हैं कि उन्हें शांति मिले और ऐसे नापाक मुल्क में फिर दुबारा उन्हें जन्म ना मिले।

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पाकिस्तानी दावे की पोल खोलता यह वीडियो देखें

 

वीडियो के पहले हिस्से में आप देखेंगे तो आसमान से दो पैराशूट उतरते हैं। आपको बता दें MIG 21 में सिर्फ एक पायलट होता हैं, लेकिन F-16 में दो पायलट होते हैं, और इस वीडियो में दो पैराशूट उतरते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के आखिरी हिस्से में एक पाकिस्तानी चैनल की न्यूज़ वीडियो हैं जिसमें एंकर उस गांव के लोगो से पूछताछ कर रही हैं जहाँ विंग कमांडर अभिनंदन का पैराशूट लैंड हुआ था। इसमें एक व्यक्ति कहता हैं कि एक पैराशूट उसने पहाड़ के उस पार भी गिरते हुए देखा था। अब सवाल यह हैं कि क्या दूसरे पैराशूट से उतरने वाले, F-16 के पायलट विंग कमांडर शहज़ाज़ुद्दीन थे?

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