कहते हैं, कुछ भी असम्भव नहीं होता बस सही दिशा में सही लगन के साथ दो कदम और सफलता आपकी। हम बात कर रहे हैं, यूपी के गोंडा जिले के इटियाथोक ब्लॉक में संचालित हरैया झुमन स्कूल की। ये वो सरकारी प्राथमिक विद्यालय है जो अपने इलाके के अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों पर भारी पड़ रहा है।

दरअसल, सन 2018-19 के शिक्षण सत्र के दौरान इस स्कूल का चयन अंग्रेजी माध्यम के लिए हुए था। उसके बाद सरकार द्वारा इस विद्यालय का कायाकल्प किया गया। इससे पहले तक इस विद्यालय की हालत बेहद खस्ता थी, न तो भवन अच्छा था न ही परिसर। खराब सुविधाओं के लिए ग्रामीण ग्राम प्रधान को कोसा करते थे जिसके बाद आखिरकार ग्राम प्रधान सहजराम तिवारी ने इसकी स्थिति सुधारने की कोशिश की।

अब इस विद्यालय में सभी जरूरी सामान और सुविधायें हैं, अंग्रेजी माध्यम में ही बच्चों को पढाया जाता है। एडीओ पंचायत फूलचंद्र श्रीवास्तव बताते हैं कि अब इस स्कूल में बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ साथ संस्कारित भी किया जा रहा है; उन्हें बदलते परिवेश में ढलना और प्रकृति से रूबरू भी करवाया जा रहा है। जिस विद्यालय में भवन ही अच्छी न हो तो वहां बच्चों का मन भी लगना थोड़ा मुश्किल होता है, हालांकि अब स्कूल के बच्चों को बैठने के लिये मॉडर्न स्कूलों जैसी डेस्क बेंच हैं। एक समय कभी जमीन पर बैठने वाले बच्चे अब बेंच पर बैठते हैं और इसके लिये प्रधान ने 50 सेट डेस्क बेंच भी बनवाई हैं।

ग्राम प्रधान के विचार से, जब विद्यालय ही अंग्रेजी माध्यम का हो चुका है, तो यहां सुविधाएं भी वैसी ही मिलनी चाहिये, ताकि बच्चों में भी एक सकारात्मक बदलाव देखा जा सके।

इसके अलावा गांव के ही एक पहलवान इस स्कूल में बच्चों को कुश्ती के दांव-पेंच सिखाने के लिये आते हैं।

इसके अलावा यहां कबड्डी और बैडमिंटन कोर्ट एवं खो-खो के भी मैदान बनवाये गए हैं। जहां बच्चे पढाई के साथ-साथ खेल कूद में भी आगे बढ़ें।