हिमांचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित शंगचूल महादेव का यह मंदिर पांडवकालीन बताया जाता हैं, कहा जाता हैं कि समाज और बिरादरी की रिवाजों को तोड़कर शादी करने वाले प्रेमी जोड़ों के लिए यहां के देवता रक्षक हैं। यहां सिर्फ देवता का कानून चलता है और पुलिस के आने तक पर इस इलाके में पूर्ण पाबंदी रहती है। महादेव सदियों से शरण में आने वाले प्रेमियों की रक्षा करते आए हैं।

बता दें कि, जैसे ही इस सीमा में कोई प्रेमी कपल पहुंचता है तो उसे देवता की शरण में आया हुआ समझ लिया जाता है। जब तक प्रेमी युगल के मामले अच्छे से सुलझ नहीं जाते तब तक मंदिर के पंडित उनकी पूरी देखभाल करते हैं। यहां देवता का ही निर्णय सर्वमान्य होता है। गांव के लोग देवता के आदेशों के तहत इन लोगों की रक्षा करते हैं। इस गांव में पुलिस के आने पर भी प्रतिबंध है। साथ ही यहां अल्कोहल, सिगरेट एवं चमड़े की कोई भी चीज भी लेकर आना भी सख्त मना है।

Shangchul Mahadev Temple Kullu

जानिए इसके पीछे की मान्यता 
यहां ऐसा बताता जाता है कि अज्ञातवास के वक्त पांडव यहां कुछ वक्त हेतु ठहरे थे। कौरव उनका पीछा करते हुए यहां आ गए। तब महादेव ने कौरवों को रोका एवं बताया कि ये मेरा क्षेत्र है और जो भी मेरी शरण में आएगा उसका कोई बाल भी बाका नहीं कर सकता। महादेव के डर से कौरव वापस लौट गए। इसके बाद से यहां परंपरा शुरू हो गई और यहां आने वाले भक्तों को पूरी सुरक्षा मिलने लगी। कहते हैं कि जब तक मामले का निपटारा न हो जाए ब्राह्मण समुदाय के लोग यहां आने वालों की पूरी आव भगत करते है।

Bhagvan shiv protect love marriage couple in shangchul mahadev mandir

हर साल लोग खासकर प्रेमी जोड़े इस मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हिमाचल आने वाली कुल्‍लू जाकर इस मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं।

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