जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। देश जहाँ एक तरफ इस आतंकी हमले से क्षुब्ध होकर आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की मांग देश की सरकार से कर रहा हैं तो दूसरी तरफ शहीद हुए 40 CRPF जवानों के परिवारों पर अपनी मेहनत से कमाए पैसे देने में भी कोई संकोच नही कर रहा। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के बरेली में एक प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल किरण झागवल ने जो किया उसे जिसने भी सुना उसने अपने दांतो तले उंगलिया दबा ली।

बेच दिए सोने के कंगन
किरण झागवल ने अपने पिता के गिफ्ट किये सोने के कंगन बेचकर करीब 1 लाख 38 हजार रुपये की रकम शहीद परिवारों के लिए दान कर दी। किरण झागवाल ने बताया की पुलवामा हमले के बाद जब शहीदों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों के पास पहुंचे और उन्होनें शहीदों की पत्नियों को रोते हुए टीवी पर देखा तो उन्हें बहुत दुख हुआ।

प्रिसिंपल ने बताया कि वह यह सोचने लगी की आखिर वो इन महिलाओं के लिए क्या कर सकती हैं और तभी उन्होनें अपने सोने के बेचने का फैसला किया। इन सोने के कंगनों को बेचने के बाद 1,38,387 रुपये जमा हुए, उसे उन्होनें पुलवामा में शहीद जवानों के परिवार वालों के लिये प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर किया।

पिता ने दिया था तोहफे में
किरण झागवाल ने बताया कि हमारा देश 130 करोड़ आबादी वाला देश है, अगर देश का हर परिवार अपनी तरफ से एक रुपया का भी दान करे, तो उन शहीदों के परिवार वालों के लिए बहुत पैसे जमा हो जाएंगे। उन्होने बताया कि जो कंगन उन्होंने शहीदों के लिए दान किए,  दरअसल वो उनके पिता ने उन्हें तोहफे में दिये थे। उन्होने अपने स्कूल में 2 मिनट का मौन भी रखा और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

हमारे देश की महिलाओ का सोने (स्वर्ण आभूषणों) के प्रति ललक किसी से नही छिपी हैं। उन्हें अपने आभूषण बहुत प्यारे होते हैं, और इसे बेचने का फैसला वह बेहद मजबूरी में करती हैं। पिता का दिये सोने के कंगन बेचने का किरण झागवाल का फैसला कितना बड़ा हैं इसे सिर्फ एक महिला ही समझ सकती हैं। यह हमारी महिलाओ की ताकत हैं, उन्हें पता हैं देश के सामने दुनिया की हर चीज मिट्टी का मोल रखती हैं, यकीन करिये जिस देश की माताएं बहने इस तरह की हैं उन्हें कोई आतंक नही हरा सकता। आपको बता दें पुलवामा हमले के बाद शहीदों को दान देने के लिए ‘भारत के वीर’ वेबसाइट पर इतना ट्रैफिक आया कि साइट ही क्रैश हो गयी, और सिर्फ 5 दिनों में 46 करोड़ से ज्यादा रुपया इकट्ठा हो गया।

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