कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने का बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे कश्मीरियों का संपर्क कुछ दिन के लिए अपने घर वालों से टूट गया। ऐसे में दिल्ली के तीन सिख युवकों ने मानवता की मिसाल देते हुए कश्मीर की 32 लड़कियों को उनके घर सही सलामत पहुंचाया। इन लड़कियों को सही-सलामत घर पहुंचाने का जिम्मा उठाने वाले तीनो सिख युवकों की कहानी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

दरअसल, दिल्ली के सॉफ्टवेयर इंजीनियर हरमिन्दर सिंह अहलूवालिया ने अनुच्छेद 370 हटने के बाद फेसबुक लाइव कर फंसे हुए कश्मीरियों की मदद का वादा किया था। बाद में उसके साथ दो और सिख जुड़ गए। इन तीनों के पास पुणे से फोन आया कि कश्मीर की 32 लड़कियां अपने घर से संपर्क में नहीं हैं। ये सभी लड़कियां पुणे में नर्सिंग का कोर्स कर रही थीं। वह अपने घर वालों से मिलना चाहती हैं।

इसके बाद यह लड़किया गुरुद्वारे पहुंचीं। इसके बाद इन लड़कों ने सोशल मीडिया के जरिए सोशल फंडिंग की और मदद के लिए लगभग साढ़े तीन लाख रुपए इकट्ठे हो गए। इसके बाद उन्होंने एयर टिकट के जरिए इन लड़कियों को कश्मीर पहुंचाया। इतना ही नहीं सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने खुद लड़कियों के साथ कश्मीर जाने का फैसला किया जिसके बाद एक-एक कर सभी लड़कियों को शोपियां, गुलमर्ग समेत कश्मीर के अन्य इलाकों में उनके घर पहुंचाया गया। मदद करने वाले दिल्ली के दूसरे दो सिख युवकों के नाम अरमीत सिंह खानपूरी और बलजीत सिंह बबलू है।

बता दें कि पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर इलाके में रहनेवाले हरमिन्दर सिंह अहलूवालिया के रगों में सेना का जज्बा है, उनके दादा सेना में रहते चीन के साथ और पिताजी पाकिस्तान के साथ युद्ध जीत चुके हैं। जब पुलवामा के बाद भी कुछ हद तक ऐसे हालात हुए थे। उन्होंने तब भी सोशल मीडिया पर मदद की पोस्ट डाली थी। हालांकि उनके इस कदम को लेकर उनके घरवाले शुरू में कश्मीर का माहौल देख डरे थे लेकिन हरमिंदर का कहना है उनके साथ उनके वाहेगुरु का आशीर्वाद था और नेक काम के बाद दुआएं भी थी। इसी वजह से वे आगे भी ऐसे काम करते रहेंगे।