संयुक्त राज्य अमेरिका में अन्य समूहों की तुलना में हिन्दू सबसे अधिक शिक्षित धार्मिक समूह हैं। अन्य करीबी समुदायों में यूनिटेरियन, यूनिवर्सलिस्ट, यहूदी, एंग्लिकन और एपिस्कोपल चर्च को मानने वाले हैं।

अमेरिकी थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है। इस अध्ययन में चार साल की कॉलेज डिग्री को मार्कर के रूप में इस्तेमाल किया गया। प्यू का कहना है कि डिग्री को आमतौर पर आर्थिक सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति के रूप में जाना जाता है।

हिंदू समुदाय के 77 फीसदी लोगों के पास डिग्री है। जबकि, किसी भी पंथ को ना मानने वाले युनिटैरियन के 69 फीसदी लोगों के पास डिग्री है। वहीं यहुदी 59 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर और बिशप चर्च को मानने वालों में से 56 फीसदी लोगों के पास डिग्री है।

नास्तिक लोगों में से 43 फीसदी, जबकि अनीश्वरवादी में से 42 फीसदी लोगों के पास डिग्री हैं। वहीं, 39 फीसदी के साथ इस्लाम और 26 फीसदी के साथ कैथोलिक सबसे कम शिक्षित धार्मिक समूह हैं।

प्यू रिसर्च की रिपोर्ट

 

बता दें कि अमेरिका में बड़ी मात्रा में भारतीय हिंदू रहते हैं, जिनमें से लगभग सभी को वहां की नागरिकता प्राप्त है। माना जाता है कि वर्तमान अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति का चुनाव जीतने में भारतीय हिंदूओं ने बहुत मदद की और अधिकतर हिंदूओं के वोट से ही उन्हें राष्ट्रपति की कुर्सी मिली।

2014 में आई प्यू रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की 32,50,00,000 की जनसंख्या में लगभग 30,00,000 की जनसंख्या हिंदूओं की थी। इनमे से सबसे ज्यादा भारतीय हिंदूओं की आबादी है। यही कारण है अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास व्हाइट हाउस में भी हर साल होली और दीवाली मिलन समारोह होता है।

प्यू रिसर्च सेंटर ने हिंदुओं और यहूदियों की शिक्षा के उच्च स्तर को अमेरिका का सबसे धनी समुदाय माना है। भारत के लोगों खासकर हिंदूओं को यह खबर जानकर अत्यंत खुशी होगी कि लाखों करोड़ों वर्ष पुराना सनातन धर्म सैकड़ों साल इस्लामिक आक्रामणकारियों, डचों, फ्रांसिसियों और अंग्रेजों के असहनीय अत्याचार को सहन करते हुए आज पूरे विश्व में धीरे धीरे परचम लहरा रहा है।

 

Report By: @ShivangTiwari_

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