केरल के त्रिशूर में स्थित वियूर सेंट्रल जेल (Thrissur’s Viyyur Central Jail) में पिछले 8 सालों से कैदियों द्वारा एक कैंटीन चल रही है। ये कैंटीन ‘फ्रीडम फूड फैक्ट्री’ (Freedom Food Factory) के नाम से काफी प्रसिद्ध है। इस कैंटीन का खाना पिछले 8 साल से जेल के बाहर स्टॉल लगाकर बेचा जाता था। कैंटीन के प्रसिद्धी को देखते हुए जेल प्रशासन ने अब फैसला किया है कि वह ऑनलाइन फूड डिलिवरी चैन स्विगी (Swiggy) की मदद से अपने ग्राहकों को खाना वियूर के बाहर भी ऑनलाइन डिलीवर करेंगे। इस कैंटीन में बिरयानी, रोटी समेत कई अन्य व्यंजन बनते हैं।

कैदियों द्वारा तैयार भोजन को ऑनलाइन डिलेवरी करने का आइडिया वर्तमान में पुलिस महानिदेशक (जेल) के पद पर तैनात ऋषिराज सिंह के दिमाग की उपज है।ऋषिराज सिंह ने कहा कि, दरअसल कैदियों द्वारा तैयार भोजन यहाँ लोगों में बहुत लोकप्रिय था, इसलिए हमने यह भोजन लोगो के घरों तक पहुंचाने का फैसला किया है।

स्विगी इस सप्ताह के अंत तक इस कैंटीन के खाने की डिलीवरी त्रिशूर में भी करेगा। फूड डिलीवरी एप में खास पहचान बनाने के लिए कैदियों ने खाने का स्पेशल काम्बो तैयार किया है। इसे फ्रीडम कॉम्बो मील का नाम दिया गया है। केवल 127 रुपये की इस मील में 300 ग्राम बिरयानी राइस, 3 रोटी, 1 पीस चिकन लेग फ्राई, चिकेन करी, सलाद, अचार, पानी और कप केक दिया जा रहा है। इसके अलावा इसमें एक केले के पत्ते की थाली भी दी जाएगी।

जेल की सुप्रीटेंडेंट निर्मलानंदन नायर ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म स्विगी पर अच्छी पहचान मिल जाने पर हमे इसका अच्छा फायदा मिलेगा। अभी हमारी शुरुआती योजना एक दिन में लगभग 100 कॉम्बो मील बेचने की है। यदि मांग अधिक आएगी तो हम इसकी आपूर्ति और बढ़ाएंगे। फूड डिलीवरी चैन स्विगी ने हमसे कहा है कि उनके लोग जेल के छह किलोमीटर के दायरे में भोजन पहुंचा सकते हैं। अगर ये कॉम्बो हिट हो जाता है तो हम इस तरह की और योजनाओं पर भी काम कर सकते है।

अभी वर्तमान में जेल के बाहर काउंटर के जरिये रोज की बिक्री का आंकड़ा 25,000-30,000 रोटियां, 500-600 चिकन बिरयानी और 300 वेज और चिकन करी है।भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जेल के अधिकारियों की देखरेख में भोजन पकाया जाता है। 50 लाख रुपये की लागत से जेल में नया रसोईघर बनाया गया है जो सभी सुविधाओं से लैस है।

आपको बता दे यह कैंटीन अपने आप में अनोखी है और इसका लाजवाब खाना पूरे इलाके में वाहवाही लूट रहा है। इससे आने वाले पैसे इसमें काम करने वाले कैदियों को 150 रुपये दैनिक मजदूरी के रूप में दे दिए जाते हैं। बाकी के पैसे जेल की उच्च स्तरीय सुविधाओं में खर्च किये जाते है। यहां लगभग 100 कैदी काम करते हैं। वहीं इस जेल का एक महिला विंग भी है। जो कि केरल का ट्रेडिश्नल स्नैक बनाती हैं।

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