ओडिशा के अंगुल जिले में एक बुजुर्ग महिला ने अपने बेटे की मौत के कुछ महीने बाद अपनी 20 वर्षीय विधवा बहू की विधिपूर्वक शादी कराकर समाज को एक बेहतर संदेश दिया है। एक तरफ जब समाज का शिक्षित वर्ग दहेज प्रथा, लिंग भेद और प्रताड़ना के मामले से घिरा है, तो दूसरी तरफ तालचेर में पूर्व सरपंच प्रतिमा बेहरा ने अपनी बहू लिली बेहरा का पुनर्विवाह करा कर अपने घर से बहू को बेटी बनाकर विदा किया। इस भावुक पल में गांव उमड़ पड़ा, वो सारे रीति-रिवाजों को पूरा किया गया, जो बेटी की शादी के लिए जरूरी होते हैं।

खबर के मुताबिक तालचेर इलाके में गोबरा पंचायत की पूर्व सरपंच प्रतिमा बेहरा के छोटे बेटे रश्मिरंजन ने इसी साल फरवरी में तुरंगा गांव की लिली से शादी की थी। बीते 23 जुलाई को महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड के भरतपुर कोयला खदान में एक भूस्खलन हो गया था, जिसमें चार लोग मारे गए थे। इसी दुर्घटना में उनके बेटे रश्मि रंजन की भी मौत हो गई।

शोक में डूबे परिवार ने यह महसूस किया कि उनके बेटे की विधवा लिली का एकाकी जीवन काफी दर्दनाक हो सकता है। परिवार ने उसके सुखी जीवन के लिए उसका पुनर्विवाह करने का साहसी फैसला किया। प्रतिमा ने लिली की काउंसलिंग की और उसे पुनर्विवाह के लिए राजी कर लिया। प्रतिमा ने कहा कि उसने अपनी बहू और उसके भाई के बेटे संग्राम बेहरा के बीच शादी का प्रस्ताव रखा।

प्रतिमा ने बताया, “मैंने अपने बेटे को एक कोयले में हुई दुर्घटना में खो दिया है और यह कभी न भरे जाने वाला गम है। मैं हालांकि अपनी बहू से भी प्यार करती हूं और चाहती हूं कि वह एक खुशहाल जीवन व्यतीत करे। इसलिए मैंने अपनी बहू का विवाह कराने का फैसला किया।” हाल ही में लिली के माता-पिता और उसके ससुराल वालों की उपस्थिति में जिले के राजकिशोरपाड़ा स्थित एक मंदिर में शादी समारोह आयोजित किया गया था।